समग्र शिक्षा खेलकूद अनुदान 2026-27: ‘खेलें भी और खिलें भी’ पहल के तहत यूपी के परिषदीय स्कूलों को मिलेंगे नए खेल उपकरण
उत्तर प्रदेश के महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय द्वारा एक नया शासनादेश (पत्रांक: गुणवि०/स्पोर्ट्स अनुदान/3468/2026-27) दिनांक 06 अगस्त 2026 को जारी किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में खेलकूद सामग्री की खरीद और खेल गतिविधियों के संचालन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश तय किए गए हैं।
इस योजना का मुख्य ध्येय “खेलें भी और खिलें भी” की भावना को आत्मसात करते हुए बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा देना है। आइए, इस महत्वपूर्ण शासनादेश के मुख्य बिंदुओं पर एक नज़र डालते हैं:
1. खेलकूद अनुदान राशि की दरें
विभिन्न श्रेणियों के विद्यालयों के लिए खेल सामग्री खरीदने हेतु निम्नलिखित दर से वित्तीय सीमा (लिमिट) स्वीकृत की गई है:
- परिषदीय प्राथमिक विद्यालय (Primary Schools): ₹5,000/- प्रति विद्यालय।
- उच्च प्राथमिक विद्यालय (UPS) एवं कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय (KGBV): ₹10,000/- प्रति विद्यालय।
2. विद्यालय स्तरीय क्रय समिति का गठन
खेलकूद सामग्री का पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण चयन सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक स्कूल में एक पांच सदस्यीय ‘विद्यालय स्तरीय क्रय समिति’ बनाई जाएगी:
- अध्यक्ष: स्कूल के प्रधानाध्यापक या KGBV की वार्डन।
- सदस्य सचिव: खेलकूद शिक्षक / प्रभारी शिक्षक या खेल शिक्षिका।
- सदस्य: अलग-अलग विषयों के 3 शिक्षक (जिनमें कम से कम एक महिला शिक्षिका का होना अनिवार्य है)।
3. खेल सामग्री के चयन व खरीद के नियम
- स्थानीय व पारंपरिक खेलों को बढ़ावा: सामग्री के चयन में बच्चों की रुचि और स्थानीय स्तर पर खेले जाने वाले पारंपरिक खेलों (जैसे खो-खो, कबड्डी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, हैंडबॉल, क्रिकेट, चेस, कैरम आदि) को प्राथमिकता दी जाएगी।
- दिव्यांग बच्चों (CWSN) की विशेष भागीदारी: मूक-बधिर, दृष्टिबाधित या शारीरिक रूप से अक्षम बच्चों के लिए शतरंज, कैरम, क्रिकेट, बैडमिंटन, एथलेटिक्स आदि अनुकूल एवं सुरक्षित खेल गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। खेलकूद प्रतियोगिताओं में उन्हें अंपायर, स्कोरर या कमेंटेटर की भूमिका में शामिल करके प्रोत्साहित किया जाएगा।
- गुणवत्ता पर विशेष ध्यान: खेल मैदान की उपलब्धता और सुझाई गई खेल सामग्री सूची के अनुसार ही उच्च गुणवत्ता वाली खेल सामग्री खरीदी जाएगी। खरीदी गई सामग्री का 100% भौतिक सत्यापन कराना अनिवार्य होगा।
4. खेलकूद प्रभारी के उत्तरदायित्व
- स्टॉक पंजिका और ऑनलाइन ट्रैकिंग: खरीदी गई खेलकूद सामग्री का पूरा विवरण ‘पुस्तकालय एवं खेलकूद पंजिका’ (स्टॉक रजिस्टर) में दर्ज किया जाएगा और प्रेरणा पोर्टल पर भी इसकी ऑनलाइन प्रविष्टि की जाएगी।
- स्पोर्ट्स क्लब का गठन: उच्च प्राथमिक और KGBV स्कूलों में खेलों में रुचि रखने वाले कम से कम 10 छात्र-छात्राओं (जिसमें न्यूनतम 50% लड़कियां होंगी) को नामित कर एक स्पोर्ट्स क्लब का गठन किया जाएगा।
5. मैदान की सुरक्षा व प्राथमिक उपचार
- खेलते समय बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूल में First Aid Box (प्राथमिक उपचार पेटी) की उपलब्धता अनिवार्य होगी।
- खेल का मैदान समतल, साफ और घासयुक्त होना चाहिए। मैदान के आसपास कोई गड्ढा, तालाब, पत्थर या पेड़ के ठूंठ जैसी खतरनाक चीजें नहीं होनी चाहिए।
6. खेल पीरियड और समय-सारणी
- स्कूल की समय-सारणी में पीटी सत्र या खेल पीरियड के लिए दैनिक रूप से कम से कम 30 मिनट का समय निर्धारित किया जाएगा।
- स्कूलों में ‘फिट इंडिया’ गतिविधियों का संचालन किया जाएगा और इसके समन्वय के लिए विद्यालय स्तर पर एक फिट इंडिया समन्वयक का चयन किया जाएगा।
7. वित्तीय पारदर्शिता एवं सख्त निगरानी
- विकेंद्रीकृत खरीद: सामग्री क्रय करने में किसी भी हाल में केंद्रीयकृत प्रक्रिया (Centralized procurement) नहीं अपनाई जाएगी; यह पूरी तरह विद्यालय स्तर पर ही संपादित होगी।
- SNA-SPARSH पोर्टल से भुगतान: अनुदान की राशि SNA-SPARSH पोर्टल के माध्यम से जारी होगी, जिसे 3 दिनों के भीतर विद्यालय के SMC खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। खरीद के सभी मूल बिल और वाउचर विद्यालय में सुरक्षित रखे जाएंगे।
- कड़ा अनुश्रवण: जिला स्तर पर गठित समिति द्वारा कम से कम 10% स्कूलों का और ब्लॉक स्तर पर कम से कम 25% परिषदीय विद्यालयों/KGBV का औचक भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया जाएगा। किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या घटिया सामग्री पाए जाने पर दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- सम्बन्धित शासनादेश नीचे देखें या डाउनलोड करें —–




