स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम (School Readiness Program), जिसे अक्सर ‘विद्या प्रवेश’ (Vidya Pravesh) या ‘चहक’ (Chahak) कार्यक्रम के नाम से भी जाना जाता है, विशेष रूप से कक्षा 1 में प्रवेश लेने वाले बच्चों के लिए तैयार किया गया एक 12 सप्ताह का गतिविधि आधारित कैलेंडर है।
यह कार्यक्रम निपुण भारत (NIPUN Bharat) मिशन के अंतर्गत आता है और इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को घर से स्कूल के माहौल में सहजता से ढालना है।
चूँकि हर राज्य (जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, आदि) अपने शैक्षिक सत्र के अनुसार तिथिवार (Date-wise) कैलेंडर जारी करता है, इसलिए यहाँ इस 12-सप्ताह के कार्यक्रम की एक सामान्य रूपरेखा दी जा रही है:
सप्ताह 1 से 2: स्वागत और परिचय
- बच्चों का स्कूल में स्वागत करना और उन्हें सहज महसूस कराना।
- एक-दूसरे और शिक्षकों से परिचय (आइस-ब्रेकिंग गतिविधियाँ)।
- स्कूल के माहौल, कक्षाओं और दिनचर्या से परिचित कराना।
- स्वतंत्र खेल (Free play), बालगीत और सरल कहानियां।
सप्ताह 3 से 5: मौखिक भाषा और बुनियादी कौशल विकास
- ध्वनियों की पहचान और मौखिक भाषा विकास पर जोर।
- शारीरिक और गत्यात्मक (Motor) कौशल विकास (जैसे – कूदना, दौड़ना, पकड़ना)।
- सूक्ष्म गत्यात्मक कौशल (Fine motor skills) जैसे – चित्र बनाना, कागज फाड़ना/चिपकाना, मिट्टी या क्ले से खेलना।
सप्ताह 6 से 8: पूर्व-गणितीय (Pre-Math) अवधारणाएं
- आकार, रंग, वजन और दिशा की पहचान (जैसे: बड़ा-छोटा, हल्का-भारी, अंदर-बाहर)।
- पैटर्न (Pattern) पहचानना और चीजों को उनके आकार/रंग के अनुसार छांटना।
- कहानी सुनाना और उस पर आधारित सरल प्रश्न-उत्तर व चर्चा।
सप्ताह 9 से 11: वर्ण और संख्या बोध की शुरुआत
- अक्षरों और उनकी ध्वनियों की पहचान (बिना रटाए, खेल-खेल में)।
- 1 से 5 या 10 तक की संख्याओं का परिचय (ठोस वस्तुओं, जैसे कंकड़, पत्तियों के माध्यम से गिनना)।
- बच्चों द्वारा अपने घरेलू अनुभवों को कक्षा में साझा करना।
सप्ताह 12: पुनरावृत्ति और अभिभावक सम्मेलन
- पिछले 11 सप्ताहों में सीखी गई सभी प्रमुख गतिविधियों की पुनरावृत्ति (Revision)।
- बच्चों के कार्य (पोर्टफोलियो) का संकलन और अवलोकन।
- अभिभावकों के साथ बैठक (PTA/School Management Committee) करके बच्चों की प्रगति और उनके उत्साह को साझा करना।
