जीवन कौशल शिक्षा एवं सेल्फ एस्टीम के लिए प्रशिक्षण

मीना मंच का सशक्तिकरण: किशोरों में जीवन कौशल और आत्म-सम्मान को बढ़ावा देने की नई पहल

उत्तर प्रदेश में स्कूली शिक्षा को और अधिक समावेशी और प्रभावशाली बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। हाल ही में ‘समग्र शिक्षा’ अभियान के तहत ‘स्पेशल प्रोजेक्ट फॉर इक्विटी’ को मंजूरी दी गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ‘मीना मंच’ को सशक्त बनाना, नेतृत्व क्षमता का विकास करना और बच्चों में आत्मविश्वास जगाना है।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य

इस विशेष प्रोजेक्ट के अंतर्गत मुख्य रूप से दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों पर जोर दिया जा रहा है:

किशोरों के लिए जीवन कौशल शिक्षा (Life Skill Education for Adolescents)।

सेल्फ एस्टीम एंड बॉडी कॉन्फिडेंस लाइफ स्किल (Self Esteem & Body Confidence Life Skill)।

इन कार्यक्रमों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सीमैट (SIEMAT), प्रयागराज में टी०ओ०टी० (Training of Trainers) और मास्टर ट्रेनर्स (MT) की राज्य स्तरीय कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम और तिथियां

राज्य भर के शिक्षकों और ट्रेनर्स को प्रशिक्षित करने के लिए इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर ली गई है।

राज्य स्तरीय टी०ओ०टी० कार्यशाला: इस तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 31 अगस्त से 02 सितम्बर, 2026 के बीच किया जाएगा।

मास्टर ट्रेनर्स की कार्यशाला: यह कार्यशाला 07 सितम्बर से 17 सितम्बर, 2026 तक चलेगी, जिसे 9 अलग-अलग बैचों में विभाजित किया गया है। हर बैच में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से शिक्षक और संदर्भदाता (Resource Persons) प्रतिभाग करेंगे।

बजट और संसाधन

इस व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम को सुचारू रूप से चलाने के लिए राज्य सरकार द्वारा कुल 19,34,000 रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।

प्रशिक्षण को इंटरैक्टिव और प्रभावी बनाने के लिए सभी मास्टर ट्रेनर्स और प्रतिभागियों को एक विशेष ‘प्रशिक्षण किट’ प्रदान की जाएगी। इस किट में कई महत्वपूर्ण शिक्षण सामग्रियां शामिल होंगी जो बच्चों की मनोवैज्ञानिक जरूरतों को समझने और उन्हें बेहतर शिक्षा देने में काम आएंगी, जैसे:

अरमान मॉड्यूल (Arman Module)।

प्रगति के पंख बुकलेट (Pragati ke Pankh Booklet)।

बदलाव की कहानियां (Badlav Ki Khaniya)।

‘आधा फुल’ कॉमिक्स और गेम (Adha Full Comics and Game)।

इसके साथ ही जूट बैग, स्टेशनरी और चार्ट पेपर जैसी सामग्री भी दी जाएगी।

शिक्षकों के लिए इसका महत्व

प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए यह कार्यशाला एक बेहतरीन संसाधन है। बाल मनोविज्ञान की गहरी समझ और इन नए लाइफ स्किल मॉड्यूल्स का उपयोग करके, शिक्षक कक्षा के माहौल को अधिक सकारात्मक और प्रेरणादायक बना सकते हैं। ‘मीना मंच’ के सशक्तिकरण से न केवल बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि समग्र रूप से शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।

आइए, एक शिक्षक के रूप में हम सभी इस नई पहल का स्वागत करें और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इन नए कौशलों को अपनी शिक्षण प्रक्रिया का हिस्सा बनाएं!

 

 

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