माहवारी स्वच्छता प्रबन्धन क्लब का गठन

यह पत्र वास्तव में बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में माहवारी स्वच्छता प्रबंधन (MHM) क्लब के गठन और संचालन के स्पष्ट दिशा‑निर्देश दिए गये हैं। आपके ब्लॉग के लिए मैंने इसे एक सुव्यवस्थित पोस्ट में रूपांतरित किया है, ताकि पाठक आसानी से समझ सकें और इसे उपयोगी पाएँ।

विद्यालयों में MHM क्लब गठन : बालिकाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण की ओर एक कदम

दिनांक : 22 मई 2026 जारीकर्ता : राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा, लखनऊ

पृष्ठभूमि

मा० सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रिट पिटीशन (सिविल) संख्या 1000/2022 डा. जया ठाकुर बनाम भारत सरकार एवं अन्य में पारित निर्णय (30 जनवरी 2026) के अनुपालन में उत्तर प्रदेश के सभी उच्च प्राथमिक विद्यालयों, कम्पोजिट विद्यालयों एवं केजीबीवी में MHM क्लब गठित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

MHM क्लब क्या है?

MHM (Menstrual Hygiene Management) क्लब का उद्देश्य बालिकाओं को किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक एवं हार्मोनल परिवर्तनों के बारे में सही जानकारी देना और माहवारी से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना है।

क्लब की संरचना

  • प्रत्येक विद्यालय में 10–12 छात्राओं का समूह बनेगा।

  • क्लब का गठन मीना मंच के सुगमकर्ता द्वारा किया जाएगा।

  • क्लब की बैठकें पाक्षिक रूप से आयोजित होंगी, जिनमें सुरक्षित प्रथाओं और व्यवहार पर चर्चा होगी।

मुख्य गतिविधियाँ

  • जागरूकता सत्र : महीने में एक बार डॉक्टर/एएनएम के साथ ‘MHM संवाद’।

  • पैड बैंक : विद्यालय में निःशुल्क पैड, इनर वियर, यूनिफॉर्म और डिस्पोजेबल बैग की व्यवस्था।

  • प्रशिक्षण : पैड के सही उपयोग और सुरक्षित निपटान की जानकारी।

  • पोषण परामर्श : आयरन युक्त आहार और स्वच्छता पर चर्चा।

  • MHM कॉर्नर : दीवार पत्रिका, पेंटिंग और स्लोगन के माध्यम से जागरूकता।

वार्षिक गतिविधि कैलेंडर

  • जुलाई : मासिक धर्म अवशोषक के प्रकार और उपयोग

  • अगस्त : किशोरी स्वास्थ्य और एनीमिया

  • सितम्बर : स्वास्थ्य संबंधी परामर्श

  • अक्टूबर : प्रजनन प्रणाली और मासिक धर्म चक्र

  • नवम्बर : स्वच्छता व्यवहार

  • दिसम्बर : मिथकों को तोड़ना

  • जनवरी : चुप्पी तोड़ो, खुलकर बोलो

  • फरवरी : कपड़े का पैड – पर्यावरण अनुकूल विकल्प

  • मार्च : अपशिष्ट का सुरक्षित निस्तारण

  • अप्रैल : पोषण और मासिक धर्म

क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण

  • विद्यालय स्तर पर जिम्मेदारी : प्रधानाध्यापक/वार्डेन एवं सुगमकर्ता।

  • ब्लॉक एवं जिला स्तर पर : खण्ड शिक्षा अधिकारी और जिला समन्वयक बालिका शिक्षा।

  • सभी विद्यालयों में बालिका शौचालय, रनिंग वाटर, इंसीनरेटर और पैड की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

  • कार्यक्रम की आख्या और फोटोग्राफ राज्य परियोजना कार्यालय को भेजे जाएँगे।

यह पहल बालिकाओं को न केवल माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूक करेगी, बल्कि उन्हें आत्मविश्वासी और सशक्त बनाएगी। विद्यालयों में MHM क्लब का गठन एक स्वस्थ और संवेदनशील वातावरण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

विस्तृत शासनादेश और शासनादेश डाउनलोड करने के लिए यहाँ डाउनलोड करें –

 

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