महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय
समग्र शिक्षा, विद्या भवन, निशातगंज, लखनऊ-226 007
सेवा में,
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, समस्त जनपद, उत्तर प्रदेश।
पत्रांक :- प्री-प्राइमरी / स्कूल रेडीनेस /10971 /2024-25
दिनांक:- / मार्च / 2025
विषयः- अकादमिक वर्ष 2025-26 में विद्या प्रवेश/स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम कक्षा-1 में संचालित करने के संबंध में।
महोदय/महोदया,
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं निपुण भारत के अंतर्गत पूर्व प्राथमिक शिक्षा को मूलभूत साक्षरता के प्रथम सोपान के रूप चिन्हित किया गया है। उक्त के दृष्टिगत पूर्व प्राथमिक कक्षाएं एवं उनमे सीखने का आधार अत्यंत महत्वपूर्ण है। निपुण भारत मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दिशा निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि प्रत्येक बच्चा (05-06 वर्ष) एक वर्ष बालवाटिका कक्षा में सार्वभौमिक साक्षरता एवं संख्या ज्ञान की प्राप्ति हेतु गतिविधि आधारित भाषा एवं अंकीय दक्षता को सीख सकेगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में पूर्व प्राथमिक शिक्षा के सार्वभौमिकरण की आवश्यकता को चिन्हित करते हुए वर्ष 2030 को लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिस वर्ष तक तक पूर्व बाल्यावस्था शिक्षा/पूर्व प्राथमिक शिक्षा, लक्षित आयु वर्ग बच्चों को प्राप्त हो सकेंगी एवं बच्चे कक्षा-1 में प्रवेश करते हुए औपचारिक शिक्षा हेतु तैयार हो सकेंगे। इसी क्रम में स्कूल रेडीनेस को संचालित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य कक्षा-1 में नवप्रवेशित बच्चों को पूर्व प्राथमिक से संबंधित भाषा, आरंभिक अंकीय दक्षता एवं पर्यावरण से संबंधित प्रि-कान्सेप्ट से अवगत कराते हुए औपचारिक शिक्षा के लिए तैयार करना है। को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केन्द्रों/बालवाटिकाओं में 05 से 06 वर्ष के आयुवर्ग के बच्चों के लिए संचालित हो रहे स्कूल रेडीनेस फेज-1 कार्यक्रम की अंतिम तिथि 19 अप्रैल है।
साथ ही निपुण लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम फेज-2 समस्त जनपदों में संचालित किया जाना है। उक्त कार्यक्रम के फलस्वरूप आंगनबाड़ी केन्द्र में नामांकित 05 से 06 वर्ष के बच्चे जो कि कक्षा-1 में सत्र 2025-26 में प्रवेश लेंगे, विद्यालय की औपचारिक शिक्षा से जुडने हेतु मानसिक रूप से तैयार हो सकेंगे एवं कक्षा-1 में संचालित स्कूल रेडीनेस फेज-2 के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों/गतिविधियो में सक्रियता के साथ प्रतिभाग कर सकेंगे।
स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम फेज-2 वर्ष 2025-26
विद्याप्रवेश की गाइडलाइन्स के अनुसार स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम के अंतर्गत 12 सप्ताह का गतिविधि आधारित कार्यक्रम कक्षा-1 में गतवर्षों के समान अप्रैल माह से संचालित किया जाना है। उक्त कार्यक्रम से संबंधित मुख्य बिंदु निम्नवत् हैं-
समयसारिणी-
➤ 12 सप्ताह स्कूल रेडीनेस गतिविधि कार्यक्रम के विद्यालय स्तर पर संचालन की समय सारिणी-
• 01 अप्रैल-15 अप्रैल कक्षा 1 में बच्चों का प्रवेश/नामांकन, अभिभावकों का अभिमुखीकरण एवं अन्य
तैयारियां।
15 अप्रैल से 20 मई 2025 एवं 21 जून 2025 से अगस्त माह के तृतीय सप्ताह तक : स्कूल रेडीनेस गतिविधि कलेण्डर 2025-26 का कक्षा-1 में सचांलन।
• अगस्त अंतिम सप्ताह सितम्बर प्रथम सप्ताहः स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम समाप्ति के पश्चात् अभिभावकों के साथ बैठक करते हुए बच्चों की प्रगति से अवगत कराना।
➤ दीक्षा पोर्टल पर 12 सप्ताह के स्कूल रेडीनेस कोर्स 1,2 एवं 3 को नोडल शिक्षक संकुल, नोडल अध्यापक एवं
प्रधानाध्यापक द्वारा पूर्ण किये जाने से संबंधित समय सारिणी-
• कोर्स-1 https://diksha.gov.in/explore-course/course/do_31401445656949555218589
:- 20 मार्च से 05 अप्रैल के मध्य
• कोर्स 2 एवं 3:05 अप्रैल से 15 अप्रैल के मध्य
(Course Link- https://shorturl.at/efCS5)
अकादमिक वर्ष 2025-26 में संचालित किये जाने वाले स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम से संबंधित मॉडयूल कोर्स के रूप में दीक्षा पोर्टल पर अपलोड किये गये हैं जिनकी समय सारिणी उपरोक्तानुसार दी जा रही है। उक्त कोर्स से संबंधित लिंक समय सारिणी में दिया गया है। कोर्स 1, 20 मार्च 2025 से दीक्षा पोर्टल पर उपलब्ध है। उक्त कोर्स निर्धारित समयावधि में प्रत्येक प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालय प्रधानाध्यापक, कक्षा-1 के नोडल अध्यापक एवं नोडल शिक्षक संकुल द्वारा पूर्ण किया जाना है।
गतिविधि कलेण्डर एवं मैनुअल वर्ष 2025-26-
➤ छात्र नामांकन के साथ नोडल अध्यापक यह भी सुनिश्चित करेंगे कि प्रत्येक दिवस छात्रों के साथ कलेण्डर की गतिविधियां संपादित कराते हुए छात्रों में रूचि एवं सक्रियता विकसित करें।
➤ स्कूल रेडीनेस संबंधी विद्याप्रवेश मॉडयूल के दिशा निर्देशों के कम में गतिविधि कलेण्डर एससीईआरटी एवं सहयोगी संस्थानों की सहायता से तैयार करके संलग्नक के रूप में प्रेषित किया जा रहा है।
> उक्त कलेण्डर को दीक्षा पोर्टल में प्री-प्राइमरी के अंतर्गत भी अपलोड किया जा रहा है, जिसका उपयोग ए०आर०पी०, एस०आर०जी० द्वारा अनुश्रवण एवं अकादमिक सहयोग हेतु किया जायेगा। नोडल अध्यापक द्वारा दीक्षा पोर्टल पर अपलोड किये गये स्कूल रेडीनेस सर्टिफिकेट कोर्स 1, 2 एवं 3 को 15 अप्रैल 2025 तक पूर्ण करते सर्टिफिकेट प्राप्त किया जाना अनिवार्य है।
अभिभावकों का उन्मुखीकरणः 12 सप्ताह के स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम की उपयोगिता से अभिभावकों को जागरूक करने
के उद्देश्य से अभिभावकों के साथ बैठक आयोजित की जाये।
12 सप्ताह के स्कूल रेडीनेस गतिविधि कार्यक्रम संचालन के पूर्वः
> प्रधान अध्यापक के सहयोग से नोडल अध्यापक कक्षा-1 में नामांकित समस्त बच्चों के अभिभावकों को आमंत्रित करेंगे।
> अभिभावकों को स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम की आवश्यकता एवं महत्व से जागरूक कराते हुए अभिभावकों से अनुरोध किया जाये कि बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें एवं समय-समय पर घर में बच्चों से विद्यालय में सीखी गयी गतिविधियों के बारे में भी पूछें।
कार्यक्रम में कक्षा-1 के अभिभावकों के साथ-साथ ग्राम स्तर पर प्रभावशाली व्यक्ति/जागरूक वरिष्ठ नागरिक / सेवानिवृत्त अध्यापक आदि एवं शिक्षित युवाओं को भी जोडते हुए शिशु मित्र के रूप में आमंत्रित करें। उनके द्वारा ग्राम स्तर पर समटाय एवं अभिभावकों को जागरूक करने में सहयोग लिया जाये।
नागरिक / सेवानिवृत्त अध्यापक आदि एवं शिक्षित युवाओं को भी जोडते हुए शिशु मित्र के रूप में आमंत्रित करें। उनके द्वारा ग्राम स्तर पर समुदाय एवं अभिभावकों को जागरूक करने में सहयोग लिया जाये।
स्कूल रेडीनेस गतिविधियों की समाप्ति परः
➤ स्कूल रेडीनेस 12 सप्ताह के गतिविधि कलेण्डर के सम्पन्न हो जाने के पश्चात् अभिभावकों के साथ बैठक आयोजित की जाये। कक्षा-1 में नामांकित समस्त छात्रों के अभिभावकों को विद्यालय बुलाकर उनके बच्चे द्वारा पिछले 12 सप्ताह में सीखी गयी विभिन्न गतिविधियों का प्रदर्शन बच्चों द्वारा किया जाये। इसके साथ
ही गत 12 सप्ताह में बच्चों द्वारा किये गये कार्यों यथा कला संबंधी गतिविधियों जिनको कि बच्चों के पोर्टफोलियो में संग्रहित किया गया है, को अभिभावकों को दिखाया जाये।
➤ बच्चों द्वारा अपने अभिभावकों के सम्मुख कविता पाठ कहानी सुनाना, रोल प्ले आदि कौशलों का प्रदर्शन कराया जाये जिससे उनमें अभिव्यक्ति की स्वत्रंता एवं आत्मविश्वास विकसित हो सके। उक्त दिवस को उत्सव के रूप में मनाया जाये यथा अभिभावकों के साथ छोटे-छोटे खेल आयोजित करते हुए प्रोत्साहित किया जाये।
12 सप्ताह के स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम के संचालन के पूर्व की तैयारी: दीक्षा पोर्टल पर अपलोड किये गये कोस 1 में उक्त का स्पष्ट विवरण दिया गया है। संक्षेप में नोडल अध्यापक प्रधानाध्यापक के सहयोग से प्रवेश के प्रारंभिक 15 दिवस में निम्नांकित तैयारियां बच्चों के साथ करना सुनिश्चित करेंगी-
➤ नवप्रवेशी कक्षा 1 के बच्चों के साथ नोडल अध्यापक कला, काफ्ट से संबंधित कहानी, वाचन, कविता आदि के माध्यम से उपयुक्त कक्षा वातावरण तैयार करेंगे।
> शिक्षक एवं बच्चों के मध्य प्रभावशाली संवाद स्थापित करने के लिए नोडल अध्यापक द्वारा आवश्यक प्रयास किया जाना जैसे बच्चों के अनुभव सुनना एवं स्वयं के अनुभवों को सुनाना।
➤ शिक्षक बच्चों के साथ परिवेशीय खेल खेलें।
> बच्चों के साथ आउटडोर प्ले की गतिविधियां संपादित करें, जिससे बच्चों में आपस में मिलकर कार्य करने की भावना का विकास हो सकेगा।
> बच्चों के कार्यों को उनके नाम के साथ कक्षा में प्रदर्शित करना।
छात्रों का सतत आंकलन: 12 सप्ताह के गतिविधि आधारित विद्यालय तैयारी कार्यक्रम प्रारंभ करने के साथ ही नोडल शिक्षक द्वारा छात्र के संज्ञानात्मक संबंधी विभिन्न बिंदुओं (भाषा, संख्या) का आकलन किया जाना है। उक्त आकलन नोडल अध्यापक द्वारा निम्नांकित के अनुसार किया जाये-
➤ प्रेक्षण (Observation) द्वारा संलग्न संकेतांकों पर छात्र का आकलन तीन श्रेणियों में किया जायेगा। आंकलन करते समय यह विशेष ध्यान रखा जाये कि छात्र उक्त से संज्ञानित न हो पाये एवं सामान्य गतिविधियों में सम्मिलित रहे।
▶ 12 सप्ताह के गतिविधि कलेण्डर की समाप्ति के पश्चात् पुनः छात्र की प्रगति का आंकलन पूर्व के सामान दिये गये संकेताकों पर किया जाये।
➤ द्वितीय आंकलन के पश्चात् छात्र की प्रगति एवं संभावित सुझावों का अंकन अध्यापक द्वारा A4 साइज के कागज पर संकेतांको के साथ किया जायेगा। आकलन प्रपत्र छात्र के पोर्टफोलियो में सम्मिलित किया जायेगा।
स्कूल रेडीनेस के अंतर्गत कक्षा 1 में 12 सप्ताह के गतिविधि कलेण्डर के संचालन के अनुश्रवण हेतु संबंधित हितधारकों के कार्य एवं दायित्व-
उप शिक्षा निदेशक/प्राचार्य, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के कार्य एवं दायित्वः
* डायट मेंटर्स की सहायता से गतिविधि कलेण्डर संचालन किये जाने का अनुश्रवण कराते हुए समय-समय पर डायट मेंटर्स के साथ समीक्षा की जाये।
> ए०आर०पी०, जिला समन्वयक, एस०आर०जी० द्वारा मासिक समीक्षा बैठक में 12 सप्ताह के गतिविधि कलेण्डर को कक्षा-1 में सफलतापूर्वक संचालन करने हेतु समीक्षा करते हुए आवश्यक नेतृत्व प्रदान किया जाये।
> अपने नेतृत्व में 40 प्रतिशत विद्यालयों को सैम्पल के रूप में चयनित करते हुए 12 सप्ताह के गतिविधि आधारित शिक्षण का बच्चों की अधिगम स्तर पर प्रभाव संबंधी Action Research संपादित कराते हुए संबंधित परिणाम से राज्य शैक्षिक अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद्, उ०प्र० एवं राज्य परियोजना कार्यालय को अवगत करायेंगे।
मण्डलीय सहायक शिक्षा निदेशक के कार्य एवं दायित्वः
> मण्डलीय जनपद में गतिविधि कलेण्डर को सफलतापूर्वक संचालित कराने हेतु आवश्यक नेतृत्व प्रदान करते हुए प्रतिमाह जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की जाये।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्य एवं दायित्वः
> राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा प्रेषित गतिविधि कलेण्डर एवं संबंधित निर्देशों को प्रत्येक विद्यालय में उपलब्धता सुनिश्चित किया जाये।
➤ जनपद स्तर पर कक्षा 1 में संचालित 12 सप्ताह के स्कूल रेडीनेस गतिविधि कलेण्डर के अनुश्रवण हेतु 3
सदस्यीय अनुश्रवण समिति का गठन किया जाये, जिसमें जिला समन्वयक प्रशिक्षण, नोडल एस०आर०जी० एवं डायट मेंटर नामित किये जायेंगे।
➤ जिला समन्वयक प्रशिक्षण डायट मेंटर/एस०आर०जी०/ए०आर०पी० के द्वारा सहयोगात्मक पर्यवेक्षण के
माध्यम से अनुश्रवण किया जाये।
> प्रत्येक सप्ताह अनुश्रवण रिपोर्ट के अनुसार ए०आर०पी०, नोडल एसआरजी एवं डायट मेंटर द्वारा नोडल शिक्षक संकुल को आवश्यक अकादमिक सहयोग प्रदान करेंगे।
जिला समन्वयक प्रशिक्षण के कार्य एवं दायित्वः
➤ जनपद स्तरीय अनुश्रवण समिति सदस्य के रूप में आवश्यक अनुसमर्थन प्रदान करना।
> स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम हेतु जनपद स्तर पर विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय योगदान प्रदान करते हुए नोडल एस०आर०जी० के साथ नेतृत्व प्रदान करना।
नोडल एस०आर०जी० के कार्य एवं दायित्वः
➤ जनपद स्तर पर जिला समन्वयक प्रशिक्षण के साथ टीम भावना में कार्य करते हुए कार्यकम को नेतृत्व प्रदान करना।
➤ जनपद स्तरीय अनुश्रवण समिति सदस्य के रूप में आवश्यक अनसमर्थन प्रदान करना।▶ उक्त कार्यक्रम की प्रगति से प्री-प्राइमरी यूनिट राज्य परियोजना कार्यालय को गूगल फार्म के माध्यम से अवगत कराना सुनिश्चित करेंगे। (गूगल लिंक पृथक से प्रेशित किया जायेगा।
खण्ड शिक्षा अधिकारी के कार्य एवं दायित्वः
➤ विकास खण्ड स्तर पर 12 सप्ताह स्कूल रेडीनेस गतिविधि आधारित शिक्षण को नेतृत्व प्रदान करेंगे।
> समय-समय पर स्वयं पर्यवेक्षण करते हुए कार्यक्रम को गति प्रदान करेंगे।
> विकास खण्ड में शिक्षकों की विद्यालयवार संख्या के आधार पर रणनीति निर्धारण करेंगे। उक्त रणनीति का अभिलेखीकरण करते हुए समस्त प्रधाानाध्यापकों का अभिमुखीकरण किया जाये।
➤ विकास खण्ड के न्यूनतम 40 प्रतिशत विद्यालयों को लैब एरिया के रूप में चिन्हित करते हुए सतत् पर्यवेक्षण के माध्यम से 12 सप्ताह के स्कूल रेडीनेस गतिविधि आधारित शिक्षण का बच्चों के अधिगम स्तर पर प्रभाव पर Action Research, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के सहयोग से कराते हुए आख्या राज्य परियोजना कार्यालय को उपलब्ध करायेंगे।
विद्यालय में प्रधान अध्यापक के कार्य एवं दायित्व :
> प्रधानाध्यापक द्वारा दीक्षा पोर्टल पर अपलोड किये गये स्कूल रेडीनेस सर्टिफिकेट कोर्स 1,2 एवं 3 को निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जाये।
➤ विद्यालय परिसर में आंगनबाड़ी केन्द्र अवस्थित होने की स्थिति में, आंगनबाड़ी केन्द्र में 06 वर्ष आयु पूर्ण करने वाले बच्चों का नामांकन कक्षा 1 में कराने हेतु अभिभावकों को प्रेरित करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकत्री से ऐसे बच्चों की सूची प्राप्त करते हुए नामांकन प्रक्रिया पूर्ण करना सुनिश्चित करेंगे।
> गतवर्षों में चहक के अंतर्गत कय की गयी किये गये टीएलएम सामग्री नोडल शिक्षक को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।
> गतवर्ष में कक्षा-1 में शिक्षण हेतु चिन्हित नोडल शिक्षक को वर्ष 2025-26 हेतु भी नोडल शिक्षक के रूप में नामित करेंगे।
➤ दीक्षा पोर्टल पर अपलोडेड 12 सप्ताह के स्कूल रेडीनेस कलेण्डर एवं संबंधित मैनुअल, निर्देशिका को डाउनलोड करते हुए कक्षा-1 में संबंधित की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे। उक्त हेतु कम्पोजिट ग्राण्ट में उपलब्ध बजट का उपयोग किया जा सकता है।
➤ विद्यालय परिसर में अवस्थित आंगनवाडी के 05 से 06 वर्ष के बच्चे व कक्षा 1 के बच्चों हेतु बाहरी खेल एवं स्वतन्त्र खेल की संयुक्त गतिविधियों के लिए उपयुक्त स्थान एवं समय निर्धारण करने हेतु आंगनबाड़ी कार्यकत्री को दिशा निर्देश प्रदान करेंगे।
> माता-पिता से नामांकन एवं नियमित उपस्थिति के महत्व को बताते हुए घर पर लगातार सहयोग प्रदान करने हेतु चर्चा करेंगे।
> कक्षा-1 के उन अभिभावकों से लगातार संपर्क में रहेंगे, जिनके बच्चे नियमित रूप से उपस्थित नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे अभिभावकों की काउंसलिंग करते हुए उन बच्चों की उपस्थिति नियमित कराने का प्रयास करेंगे।
नोडल शिक्षक संकुल के कार्य एवं दायित्व
नोडल शिक्षक संकुल द्वारा दीक्षा पोर्टल पर अपलोड किये गये स्कूल रेडीनेस सर्टिफिकेट कोर्स 1,2 एवं 3 को पूर्ण करते हुए अपने संकुल के सभी विद्यालयों के नोडल शिक्षकों एव प्रधानाध्यापक को नेतृत्व प्रदान किया जायेगा, साथ ही यह सुनिश्चित करेंगे कि 12 सप्ताह के गतिविधि कलेण्डर का संचालन सभी विद्यालयों के कक्षा-1 में किया जा रहा हो।
➤ नोडल शिक्षक संकुल द्वारा मासिक नियमित बैठक में स्कूल रेडीनेस की प्रगति हेतु चर्चा के बिंदुओं को सम्मिलित किया जायेगा।
▶ प्रधान अध्यापक के माध्यम से कक्षा 1 में बच्चों की उपस्थिति नियमित करना सुनिश्चित करेंगे।
➤ प्रधान अध्यापक द्वारा अपने विद्यालय में 12 सप्ताह के गतिविधि कलेण्डर के अनुसार कक्षा 1 में गतिविधियां संचालित की जायें, यह भी सुनिश्चित करेंगे।
> समय-समय पर आवश्यकता के अनुसार प्रधान अध्यापकों का उत्साहवर्धन करते हुए अच्छे कार्य करने वाले प्रधानाध्यापकों एवं नोडल शिक्षक को चिन्हित करते हुए प्रोत्साहित करेंगे।
> को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों में आरंभिक साक्षरता एवं अंकीय दक्षता (Early Numeracy and Early Literacy) की संयुक्त गतिविधियों पर आंगनवाड़ी कार्यकत्री व प्रधानाध्यापक का क्षमता संवर्धन करेंगे।
नोडल अध्यापक के कार्य एवं दायित्व :
➤ स्कूल रेडीनेस पर प्रशिक्षित नोडल अध्यापक द्वारा निर्धारित समयावधि में स्कूल रेडीनेस सर्टिफिकेट कोर्स पूर्ण करते हुए कक्षा 1 में 12 सप्ताह के गतिविधि कलेण्डर का संचालन किया जाएगा।
> नोडल अध्यापक बच्चों के साथ पूरे समय कार्य करते हुए गतिविधि कलेण्डर की समस्त गतिविधियों का संचालन स्वयं करेगा।
> नोडल अध्यापक स्कूल रेडीनेस गतिविधि कैलेंडर में दी गई गतिविधियों के अनुसार स्थानीय सामग्री से टी.एल. एम. का निर्माण करते हुए गतिविधि आधारित शिक्षण कराना सुनिश्चित करेंगे।
ए०आर०पी० के कार्य एवं दायित्व :
> ए.आर.पी. 12 सप्ताह के गतिविधि कलेण्डर के संचालन हेतु नोडल अध्यापक की क्षमतासंवर्द्धन करते हुए सहयोग प्रदान करेंगे एवं सहयोगात्मक पर्यवेक्षण (सपोर्टिव सुपर विज़न) सुनिश्चित करेंगे।
आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का सहयोग
को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केन्द्र की आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका के कार्य एवं दायित्वः-
➤ नोडल अध्यापक के साथ समन्वय स्थापित करते हुए अभिभावक बैठक का आयोजन करेंगी, जिसमें आंगनवाड़ी केंद्र के 05 से 06 वर्ष के बच्चों के अभिभावक सम्मिलित हों।
➤ संयुक्त गतिविधियों के संचालन में कक्षा 1 के शिक्षकों को सहयोग प्रदान करेंगे।
> प्रधानाध्यापक और नोडल शिक्षक के साथ नियमित संपर्क एवं समन्वय बनाए रखेंगे।
> ईसीसीई दिवस पर प्रधानाध्यापक और नोडल शिक्षक को आमंत्रित करेंगे।
➤ नोडल टीचर के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कक्षा 1 व आंगनवाडी केंद्र के 05 से 06 वर्ष के बच्चों के लिए संयुक्त गतिविधि का आयोजन करेंगी
कृपया उपरोक्तानुसार कार्यक्रम का संचालन समयबद्ध रूप में सुनिश्चित करें।
भवदीया
(कंचन वर्मा) राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा, उ०प्र०
10971 पृष्ठांकन संख्याः प्री-प्राइमरी शिक्षा / स्कूल रेडीनेस //2024-25 लखनऊ, तद्दिनॉक।